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אור החיים הקדוש

אליהו בזבז בן גמילה זצלEliyahu Bazbaz Ben Jamileh zt״l

ओर हचैम हक़दोश की तफ़िला

תפילת האור החיים

रबी हיים इब्न अत्तर, ओर हचैम हक़दोश (पुण्यतिथि: 15 तम्मूज़), ने बहुत सी तफ़िलाएँ लिखीं — जैसा उनके शिष्य चिदा गवाही देते हैं। उन में से केवल एक ही हम तक पहुँची, जिसे चिदा ने सँभाला और छपा।

ओर हचैम ने आज्ञा दी कि यह तफ़िला योम किप्पर की मुसफ़ प्रार्थना में कही जाए, जब हज़ान पहली बार «ויעבור» कहता है और तेरह सिफ़ात सात बार पढ़ी जाती हैं। इसलिए लोग इसे जहाँ-जबहरा मौक़ा मिले कहते हैं।

कब कहा जाता है

योम किप्पर की मुसफ़ में, जब हज़ान पहली बार «ויעבור» कहता है, तेरह सिफ़ात की सात पढ़ाइयों के दौरान।

इसके बाद कोई निश्चित समय नहीं — लोग इसे किसी भी दिन कहते हैं: किसी माँग के लिए, किसी के जल्द ठीक होने के लिए, या इस में वर्णित छुटकारे के लिए।

हिब्रू में तफ़िला

יְהִי רָצוֹן מִלְּפָנֶיךָ אָבִינוּ מַלְכֵּנוּ, אֱלֹקֵינוּ, יְדִידוּת אוֹר נַפְשֵׁנוּ, רוּחֵנוּ וְנִשְׁמָתֵנוּ, לְמַעַן בְּרִיתְךָ אֲשֶׁר כָּרַתָּ לִשְׁלֹשׁ עֶשְׂרֵה מִדּוֹת שֶׁאֵינָן חוֹזְרוֹת רֵיקָן לְעוֹלָם מִלְּפָנֶיךָ, זְכֹר אַהֲבָתֵנוּ וְחִבָּתֵנוּ וְהָשֵׁב שְׁכִינָתְךָ לְבֵית קָדְשֵׁנוּ וְתַחֲזֹר לְהִשְׁתַּעֲשֵׁעַ בָּנוּ כִּימֵי קֶדֶם, כִּי קָשָׁה פְּרֵדָתְךָ מִמֶּנּוּ כִּפְרִידַת נַפְשֵׁנוּ מִגּוּפֵינוּ, הָמוּ מֵעֵינוּ, וְכָלְתָה נַפְשֵׁנוּ אֶל גְּאֻלַּת שְׁכִינָתְךָ וְאֶל מְעוֹן קָדְשֶׁיךָ, וְלִרְצוֹנְךָ ה' נִכְסַפְנוּ, הִנְנוּ מִתְחַנְּנִים וּבוֹכִים לְפָנֶיךָ, ה' אָב הָרַחֲמָן, עַל גָּלוּת הַשְּׁכִינָה, הוֹשִׁיעָה ה' שְׁכִינָתְךָ, וְדַבֵּק נַפְשֵׁנוּ בְּאַהֲבָתְךָ הַנְּעִימָה וְהָעֲרֵבָה עַל נַפְשֵׁנוּ, וְיֵעוֹל מַלְכֵּנוּ בְּהֵיכָלֵהּ.

हिन्दी में सहायक अर्थ

हाशेम, हमारे परमेश्वर, आपकी मरज़ी हो — हमारे प्राण, हमारी आत्मा और हमारी निश्मा के प्रिय प्रकाश! तेरह सिफ़ात के उस बन्धन के वास्ते जो आपने कायम किया और जो कभी खाली लौटते नहीं: हमारी मोहब्बत और आपके पास होने को याद फ़रमा, अपने शेखीना को हमारे क़ुद्स के घर में लौटाओ, और जैसा पुराने दिनों में था वैसा ही हममें ख़ुश होओ। क्योंकि तुझसे जुदाई, जान और जिस्म की जुदाई जनी मुश्किल है; आँसू हमारी आँखों से बहते हैं और हमारी जान तुम्हारे शेखीना की रहाई और तुम्हारे क़ुद्स के मकान को चाहती है। तेरी मरज़ी को, हाशेम, हम चाहते हैं — हम तेरे सामने गिड़गिड़ाते और रोते हैं। हाशेम, रहम करने वाले बाप, शेखीना के जलान पर: अपने शेखीना को बचाओ, हमारी जान को अपनी मोहब्बत से जोड़ दो जो हमारी जान को मीठी और पसन्दीदा है, और हमारे बादशाह अपने महल में दाखिल हों।

कहा जाने वाला पाठ वowel वाला हिब्रू मूल है। यह हिन्दी केवल समझने की सहायता है, कोई अधिकृत अनुवाद नहीं।

लोग इसे क्यों कहते हैं

  • यह ओर हचैम की बहुत ही थोड़ी तफ़िलाओं में से एक है जो हम तक पहुँची — बाक़ी सँभली नहीं।
  • इस के शब्द केवल दो चीज़ें माँगते हैं: शेखीना का क़ुद्स के घर लौटना, और जान का भगवान के प्रेम से जुड़ना — वही आतुरता जो उनके तोरा-व्याख्यन में बार-बार लौटती है।

पाठ को tfilah.org पर प्रकाशित पृष्ठ से मिलाकर जाँचा गया है, जो एक प्रिंट-योग्य शीट भी देता है। तफ़िला अठारहवीं सदी का पाठ है। tfilah.org का मूल पृष्ठ ↗

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